मैं एक पथिक हूँ,राह भटका हुआ,तेरे साये में कबसे,आने को तरसता,तुझे इंतजार किस बात की मेरे खुदा,तेरे दम से ज़िंदगी है खुश गंवार मेरा,बस मुस्कुराता हुआ रहे लम्हा मेरा!!